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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science


1.मधुमक्खियों का प्रजनन एवं प्रबंधन कहलाता है?
उत्तर : एपीकल्चर.

2. रक्त के थक्का बनने में सहायक विटामिन है ?
उत्तर : K.

3. कैल्शियम एल्युमिनेट तथा कैल्सयम सिलिकेट का मिश्रण कहलाता है
उत्तर : सीमेंट.

4. खट्टे फलों में होता है
उत्तर : साइट्रिक अम्ल.

5. कार्य की इकाई है
उत्तर : जूल.

6. क्लोरो-फ्लोरो कार्बन को किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर : फ्रेआॅन.

7. एक मात्र अम्ल जो स्वर्ण को घोलता है
उत्तर : एक्वा रेजिया.

8. आधुनिक परमाणु सिद्धांत का प्रणेता माना जाता है
उत्तर : जॅान डॅाल्टन को.

9. सेब को दाँतों से काटने के लिए किस प्रकार के दाँतों का उपयोग होता है
उत्तर : कृन्तक.

10. कौन-से दो रंगों को मिश्रित करने से हरा रंग तैयार होता है
उत्तर : नारंगी और बैंगनी.

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कुछ प्रमुख उपाधियाँ एवं प्राप्तकर्ता

उपाधि,प्राप्तकर्ता एवं दाता उपाधि प्राप्तकर्ता दाता गुरुदेव महात्मा नेताजी सरदार   देशरत्न   /अजातसत्रु कायदे आजम देशनायक विवेकानंद राष्ट्रपिता राजा अर्ध नंगा फ़क़ीर       रविन्द्रनाथ टैगोर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस   बल्लभ भाई पटेल डॉ.राजेन्द्र प्रसाद मोहम्मद अली जिन्ना सुभास चन्द्र बोस स्वामी विवेकानंद महात्मा गाँधी राजा राममोहन राय महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविंद्रनाथ टैगोर एडोल्फ हिटलर वारदोली की महिलाओ महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविन्द्र नाथ टैगोर महाराजा खेतड़ी सुभाष चन्द्र बोस अकबर द्वितीय विंस्टन चर्चिल

संधि एवं संधि के भेद

संधि दो ध्वनियों (वर्णों) के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। अर्थात् जब दो शब्द मिलते हैं तो प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि (वर्ण)तथा मिलने वाले शब्द की प्रथम ध्वनि के मेल से जो विकार होता है उसे स न्धि कहते हैं। संधि के प्रकार 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि  स्वर संधि  - स्वर के साथ स्वर के मेल को स्वर संधि कहते हैं . जैसे - विद्या + अर्थी = विद्यार्थी , सूर्य + उदय = सूर्योदय , मुनि + इंद्र = मुनीन्द्र , कवि + ईश्वर = कवीश्वर , महा + ईश = महेश . स्वर संधि के भेद स्वर संधि के पाँच भेद हैं :- 1. दीर्घ संधि 2. गुण संधि 3. वृद्धि स्वर संधि  4. यण स्वर संधि 5. अयादी स्वर संधि   .दीर्घ संधि–  जब दो समान स्वर या सवर्ण मिल जाते हैँ, चाहे वे ह्रस्व होँ या दीर्घ, या एक ह्रस्व हो और दूसरा दीर्घ, तो उनके स्थान पर एक दीर्घ स्वर हो जाता है, इसी को सवर्ण दीर्घ स्वर संधि कहते हैँ। जैसे– अ/आ+अ/आ = आ दैत्य+अरि = दैत्यारि राम+अवतार = रामावतार देह+अंत = देहांत धर्म+आत्मा = धर्मात्मा परम+आत्मा = परमात्मा कदा+अपि = कदापि आत्मा+ आनंद = आत्मानंद जन्म...

रस एवं रस के प्रकार

रस का शाब्दिक अर्थ है 'आनन्द'। काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस अलौकिक आनन्द की अनुभूति होती है, उसे 'रस' कहा जाता है। रस से जिस भाव की अनुभूति होती है वह रस का स्थायी भाव होता है।   रस के अवयव रस के चार अवयव या अंग हैं:-  1)स्थायी भाव 2)विभाव 3)अनुभाव 4)संचारी भाव स्थायी भाव- स्थायी भाव का मतलब है प्रधान भाव। प्रधान भाव वही हो सकता है जो रस की अवस्था तक पहुँचता है। काव्य या नाटक में एक स्थायी भाव शुरू से आख़िरी तक होता है।  स्थायी भावों की संख्या 9 मानी गई है। स्थायी भाव ही रस का आधार है। एक रस के मूल में एक स्थायी भाव रहता है। अतएव रसों की संख्या भी 9 हैं, जिन्हें नवरस कहा जाता है। मूलत: नवरस ही माने जाते हैं। बाद के आचार्यों ने 2 और भावों वात्सल्य और भगवद विषयक रति को स्थायी भाव की मान्यता दी है। इस प्रकार स्थायी भावों की संख्या 11 तक पहुँच जाती है विभाव विभाव वजह या कारण या प्रेरणा होता है| उसे इसीलिए विभाव कहते हैं क्योंकि यह वचन शरीर, इशारों और मानसिक भावनाओं का विवरण करते हैं | विभाव दो प्रकार का होता हे । 1)आलंबन विभाव या मौलिक निर्धारक ...