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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

भारतीय स्वतंत्रता के प्रमुख वचन एवं नारे

कुछ प्रसिद्ध वचन एवं नारे 

वचन और नारे
किसने दिया                    
इन्‍कलाब जिंदाबाद(1929 )
भगत सिंह
दिल्‍ली चलो - 1942
सुभाष चंद्र बोस
करो या मरो - 1942
महात्‍मा गांधी
जय हिंद - 1941
सुभाष चंद्र बोस
पूर्ण स्‍वराज्‍य - 1929
जवाहर लाल नेहरू
हिंदीहिंदूहिंदोस्‍तान
भारतेंदु हरिश्‍चंद्र
वेदों की ओर लौटो
दयानंद सरस्‍वती
आराम हराम है
जवाहर लाल नेहरू
हे राम
महात्‍मा गांधी
भारत छोड़ो - 1942
महात्‍मा गांधी
जय जवानजय किसान - 1965
लाल बहादुर शास्‍त्री (1965 मेंपाकिस्‍तान युद्ध के समय)
मारो फिरंगी को - 1857
मंगल पांडे
जय जगत
विनोबा भावे
कर मत दो
सरदार वल्‍लभ भाई पटेल
संपूर्ण क्रांति
जयप्रकाश नारायण
विजयी विश्‍व तिरंगा प्‍यारा
श्‍याम लाल गुप्‍ता पार्षद
वंदे मातरम् - 1882
बंकिमचंद्र चटर्जी
जन-गण-मन अधिनायक जय हे
रवींद्र नाथ टैगोर
साम्राज्‍यवाद का नाश हो
भगत सिंह
स्‍वराज्‍य हमारा जन्‍मसिद्ध अधिकार है - 1890
बाल गंगाधर तिलक
सरफरोशी की तमन्‍ना अब हमारे दिल में है
राम प्रसाद बिस्मिल
सारे जहां से अच्‍छा हिन्‍दोस्‍तां हमारा
अल्‍लामा इकबाल
तुम मुझे खून दो मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा
सुभाष चंद्र बोस
साइमन कमीशन वापस जाओ - 1927
लाल लाजपत राय
हू लिव्‍स इफ इंडिया डाइज
जवाहर लाल नेहरू
मेरे सिर पर लाठी का एक-एक प्रहारअंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा
लाला लाजपत राय
मुसलमान मूर्ख थेजो उन्‍होंने सुरक्षा की मांग की और हिंदू उनसे भी मूर्ख थेजो उन्‍होंने उस मांग को ठुकरा दिया.
अबुल कलाम आजाद

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कुछ प्रमुख उपाधियाँ एवं प्राप्तकर्ता

उपाधि,प्राप्तकर्ता एवं दाता उपाधि प्राप्तकर्ता दाता गुरुदेव महात्मा नेताजी सरदार   देशरत्न   /अजातसत्रु कायदे आजम देशनायक विवेकानंद राष्ट्रपिता राजा अर्ध नंगा फ़क़ीर       रविन्द्रनाथ टैगोर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस   बल्लभ भाई पटेल डॉ.राजेन्द्र प्रसाद मोहम्मद अली जिन्ना सुभास चन्द्र बोस स्वामी विवेकानंद महात्मा गाँधी राजा राममोहन राय महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविंद्रनाथ टैगोर एडोल्फ हिटलर वारदोली की महिलाओ महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविन्द्र नाथ टैगोर महाराजा खेतड़ी सुभाष चन्द्र बोस अकबर द्वितीय विंस्टन चर्चिल

संधि एवं संधि के भेद

संधि दो ध्वनियों (वर्णों) के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। अर्थात् जब दो शब्द मिलते हैं तो प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि (वर्ण)तथा मिलने वाले शब्द की प्रथम ध्वनि के मेल से जो विकार होता है उसे स न्धि कहते हैं। संधि के प्रकार 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि  स्वर संधि  - स्वर के साथ स्वर के मेल को स्वर संधि कहते हैं . जैसे - विद्या + अर्थी = विद्यार्थी , सूर्य + उदय = सूर्योदय , मुनि + इंद्र = मुनीन्द्र , कवि + ईश्वर = कवीश्वर , महा + ईश = महेश . स्वर संधि के भेद स्वर संधि के पाँच भेद हैं :- 1. दीर्घ संधि 2. गुण संधि 3. वृद्धि स्वर संधि  4. यण स्वर संधि 5. अयादी स्वर संधि   .दीर्घ संधि–  जब दो समान स्वर या सवर्ण मिल जाते हैँ, चाहे वे ह्रस्व होँ या दीर्घ, या एक ह्रस्व हो और दूसरा दीर्घ, तो उनके स्थान पर एक दीर्घ स्वर हो जाता है, इसी को सवर्ण दीर्घ स्वर संधि कहते हैँ। जैसे– अ/आ+अ/आ = आ दैत्य+अरि = दैत्यारि राम+अवतार = रामावतार देह+अंत = देहांत धर्म+आत्मा = धर्मात्मा परम+आत्मा = परमात्मा कदा+अपि = कदापि आत्मा+ आनंद = आत्मानंद जन्म...

समास एवं समास के भेद

समास  दो अथवा दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नए सार्थक शब्द को कहा जाता है। दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि "समास वह क्रिया है, जिसके द्वारा कम-से-कम शब्दों मे अधिक-से-अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। समास के प्रकार - समस छ: प्रकार के हप्ते है - (1) तत्पुरुष समास ( Determinative Compound) (2)कर्मधारय समास (Appositional Compound) (3)द्विगु समास (Numeral Compound) (4)बहुव्रीहि समास (Attributive Compound) (5)द्वन्द समास (Copulative Compound) (6)अव्ययीभाव समास(Adverbial Compound) तत्पुरुष समास    वह  समास  है जिसमें बाद का अथवा उत्तर पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच का कारक-चिह्न लुप्त हो जाता है। राजा का कुमार - राजकुमार रचना को करने वाला - रचनाकार गंगाजल - गंगा का जल तत्पुरुष समास के छह प्रकार  होते है- कर्म तत्पुरुष  करण तत्पुरुष सम्प्रदान तत्पुरुष अपादान तत्पुरुष सम्बन्ध तत्पुरुष अधिकरण तत्पुरुष कर्म तत्पुरुष  इसमें कर्म कारक की विभक्ति 'को' का लोप हो जाता है। स्वर्गप्राप्त स्वर्ग को...