Skip to main content

Featured post

विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं भाषाएँ

computer software (कंप्यूटर सॉफ्टवेर )

सॉफ्टवेयर - प्रोग्रामो के संमुच्चय को जो कंप्यूटर के विभिन्न कार्यो के लिए उत्तरदायी है .

सॉफ्टवेयर के प्रकार

  • सिस्टम सॉफ्टवेयर
  • यूटिलिटी सॉफ्टवेयर
  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

सिस्टम सॉफ्टवेयर 

ऐसा सॉफ्टवेयर जिन्क्के द्वारा कंप्यूटर के आतंरिक एवं बाह्य कार्यो को नियंत्रित किया जाता है .

जैसे -एम एस डॉस, विंडोज , यूनिक्स ,लाइनेक्स

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर 

ऐसा सॉफ्टवेयर जिसके द्वारा कंप्यूटर का मेंटनेंस किया जाता है .
जैसे - डिस्क कम्प्रेसन, antiviros

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

ऐसा सॉफ्टवेयर जिसको व्यक्ति के किसी विशेष कार्य के लिए बनाये जाते है .
  • यह दो प्रकार का होता है
  • सामान्य उद्देशीय (general purpose )- वर्ड प्रोसेसर ,प्रेजेंटेशन ,स्प्रेड सिट
  • विशेष उद्देशीय ( special purpose)- रेलवे रिजर्वेशन , बिलिंग सिस्टम आदि .

PROGRAMMING LANGUAGE(प्रोग्रामिंग भाषाएँ )

यह दो प्रकार के होते है .
  • निम्न स्तरीय भाषाएँ
  • उच्च स्तरीय भाषाएँ

निम्न स्तरीय भाषाएँ 

कंप्यूटर का वह भाषा जो कंप्यूटर के प्रारंभिक समय मे प्रयोग किया जाता है ,
  • मशीन लैंग्वेज - इसे बाइनरी भाषा भी कहा जाता है जो 0 और 1 से बनता है , यह कंप्यूटर की मातृभाषा है .
  • असेंबली लैंग्वेज -ये भी मशीनी भाषायो पर आधारित होता है परन्तु इसमें नुमेरिक कोड का उपयोग किया जाता है .
उच्च स्तरीय भाषाए

कुछ उच्च स्तरीय भाषायो के उदहारण
FORTAN                                   FORMULA ट्रांसलेशन                          गणितीय सूत्रों के हल हेतु
BASIC                                       BEGGINERS ALL PURPOSE
                                                   SYMBOLIC INSTRUCTION
                                                   CODE                                                  व्यवसायिक कार्य हेतु
COBOL                                    COMMON BUSENESS ORIENTED
                                                  LANGUAGE                                       व्यवसायिक कार्य हेतु
HTML                                                                                                    यह नेटवर्किंग में प्रयोग होता है
C++
C
JAVA


लैंग्वेज ट्रांसलेटर
यह तीन प्रकार के होते है
  • असेम्बलर -यह असेंबली भाषा को मशीनी भाष में बदलता है 
  • कम्पाइलर - यह उच्च स्तरीय भाषा को मशीनी भाषा में बदलता है तथा यह पुरे पेज को एक साथ बदलता है 
  • इन्तेर्प्रटर - यह उच्च स्तरीय भाषा को मशीनी भाषा में बदलता है परन्तु यह लाइन WISE करता है 


Comments

loading...

Popular posts from this blog

कुछ महत्वपूर्ण जीव .जन्तुओ के वैज्ञानिक नाम (list of scientific name of plants and animals)

वैज्ञानिक नाम मनुष्य---होमो सैपियंसकुछ जन्तुओ,फल,फूल के वैज्ञानिक नाम मेढक---राना टिग्रिना बिल्ली---फेलिस डोमेस्टिका कुत्ता---कैनिस फैमिलियर्स गाय---बॉस इंडिकस भैँस---बुबालस बुबालिस बैल---बॉस प्रिमिजिनियस टारस बकरी---केप्टा हिटमस भेँड़---ओवीज अराइज सुअर---सुसस्फ्रोका डोमेस्टिका शेर---पैँथरा लियोबाघ---पैँथरा टाइग्रिस चीता---पैँथरा पार्डुस भालू---उर्सुस मैटिटिमस कार्नीवेरा खरगोश---ऑरिक्टोलेगस कुनिकुलस हिरण---सर्वस एलाफस ऊँट---कैमेलस डोमेडेरियस लोमडी---कैनीडे लंगुर---होमिनोडिया बारहसिँघा---रुसर्वस डूवासेली मक्खी---मस्का डोमेस्टिका आम---मैग्नीफेरा इंडिका धान---औरिजया सैटिवाट गेहूँ---ट्रिक्टिकम एस्टिवियम मटर---पिसम सेटिवियम सरसोँ---ब्रेसिका कम्पेस्टरीज मोर---पावो क्रिस्टेसस हाथी---एफिलास इंडिका डॉल्फिन---प्लाटेनिस्टागैँकेटिका कमल---नेलंबो न्यूसिफेरा गार्टनबरगद---फाइकस बेँधालेँसिस घोड़ा---ईक्वस कैबेलस गन्ना---सुगरेन्स औफिसीनेरम प्याज---ऑलियम सिपिया कपास---गैसीपीयम मुंगफली---एरैकिस हाइजोपिया कॉफी---कॉफिया अरेबिका चाय---थिया साइनेनिसस अंगुर---विटियस हल्दी---कुरकुमा लोँगा मक्का---जिया मेज टमा…

अर्थालंकार एवं अर्थालंकार के प्रकार

अर्थालंकार 

उपमा अलंकार
जहाँ गुण , धर्म या क्रिया के आधार पर उपमेय की तुलना उपमान से की जाती है  वहा उपमा  अलंकार होता है .
उदहारण-सागर-सा गंभीर हृदय हो,गिरी- सा ऊँचा हो जिसका मन।
इसमें सागर तथा गिरी उपमान, मन और हृदय उपमेय सा वाचक, गंभीर एवं ऊँचा साधारण धर्म है।
रूपक अलंकार 

जिस जगह उपमेय पर उपमान का आरोप किया जाए, उस अलंकार को रूपक अलंकार कहा जाता है, यानी उपमेय और उपमान में कोई अन्तर न दिखाई पड़े.
 जैसे -अम्बर-पनघट में डुबो रही तारा-घट ऊषा-नागरी यहाँ  पर  अम्बर रूपी  पनघट।तारा रूपी घट।ऊषा रूपी नागरी है । उत्प्रेक्षा अलंकार उपमेय में उपमान की कल्पना या सम्भावना होने पर उत्प्रेक्षा अलंकार कहलाता  है. जैसे -सखि सोहत गोपाल के, उर गुंजन की मालबाहर सोहत मनु पिये, दावानल की ज्वाल।।

 अतिशयोक्ति अलंकार यहाँ पर गुंजन की माला उपमेय में दावानल की ज्वाल उपमान के संभावना होने से उत्प्रेक्षा अलंकार है। जिस स्थान पर लोक-सीमा का अतिक्रमण करके किसी विषय का वर्णन होता है। वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

जैसे -
हनुमान की पूँछ में लगन न पायी आगि।
सगरी लंका जल गई, गये निसाचर भागि।।
यहाँ पर हनुमान की पूँछ…

संज्ञा के प्रकार एवं उसके भेद

जिस शब्द से किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, जाति, भाव आदि के 'नाम' का बोध होता है उसे संज्ञा कहते हैं
                                                                   अथवा
किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।
  जैसे - पशु (जाति), सुंदरता (((गुण), व्यथा (भाव), मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)।

संज्ञा के पांच भेद होते हैं : व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा भाववाचक संज्ञा समूहवाचक संज्ञाद्रव्यवाचक संज्ञा  www.gkcurrent3.blogspot.com
व्यक्तिवाचक संज्ञा
जिस शब्द से किसी एक ही वस्तु या व्यक्ति का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं |
जैसे - अमेरिका, भारत, अनिल।

जातिवाचक संज्ञा
जिस संज्ञा शब्द से किसी व्यक्ति,वस्तु,स्थान की संपूर्ण जाति का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे -कुत्ता, अध्यापक, किताब, दर्जी,गाय, घोड़ा, भैंस, बकरी, नारी, गाँव आदि.

भाववाचक संज्ञा 
जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, धर्म आदि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे - बुढ़ापा, मिठास, बचपन, मो…