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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

भारत का संवैधानिक विकास (प्रश्नावली )

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  • भारत में संघीय न्यांयालय की स्थापना -भारत सरकार अधिनियम 1935 के अंतर्गत किया गया था ,इसके प्रमुख न्यायधीश सर मैरिस ग्वेयर थे .

  • नियंत्रण परिषद् की स्थापना -पिट्स का भारतीय नियम 1984 के अंतर्गत हुआ .

  • सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना -Regulating act(नियामक अधिनियम )1773 में हुआ .

  • इंग्लिश मिशनरियों को भारत में कम करने की अनुमति -चार्टर अधिनियम 1813.

  • गवर्नर जनरल की परिषद् में क़ानूनी सदस्य की नियुक्ति -चार्टर अधिनियम 1833.

  • केंद्र में द्वैध शासन को स्थापित किया गया -भारत सरकार अधिनियम 1935.

  • राष्ट्रपति को अध्यादेश निर्गत करने की शक्ति -भारत सरकार अधिनियम 1935.

  • केबिनेट मिशन भारत आया था -1946 में .

  • भारतीय सविधान सभा का गठन हुआ था -केबिनेट मिशन योजना 1946 के अंतर्गत .

  • भारतीय संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष -डॉ राजेन्द्र प्रसाद.

  • संविधान सभा की प्रथम बैठक की अध्यक्षता की थी -डॉ सच्चिदानंद सिन्हा ने.

  • संविधान सभा की स्थापना की गयी -9 दिसम्बर 1946 को.

  • भारतीय संविधान के निर्माण में लगा समय -2 वर्ष 11 माह 18 दिन .

  • भारतीय संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे -डॉ भीमराव अम्बेडकर.

  • भारतीय संविधान के सांविधानिक सलाहकार थे -बी.एन. राव .

  • भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रिय ध्वज को स्वीकार किया -22 जुलाई 1947 को.

  • भारतीय संविधान लागु किया गया -26 जनवरी 1950 को .

  • जन-गण-मन को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया -24 जनवरी 1950 को.

  • डॉ भीमराव अम्बेडकर का जन्म -14 अप्रैल 1891 को हुआ और निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ.

 

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वैज्ञानिक नाम मनुष्य---होमो सैपियंसकुछ जन्तुओ,फल,फूल के वैज्ञानिक नाम मेढक---राना टिग्रिना बिल्ली---फेलिस डोमेस्टिका कुत्ता---कैनिस फैमिलियर्स गाय---बॉस इंडिकस भैँस---बुबालस बुबालिस बैल---बॉस प्रिमिजिनियस टारस बकरी---केप्टा हिटमस भेँड़---ओवीज अराइज सुअर---सुसस्फ्रोका डोमेस्टिका शेर---पैँथरा लियोबाघ---पैँथरा टाइग्रिस चीता---पैँथरा पार्डुस भालू---उर्सुस मैटिटिमस कार्नीवेरा खरगोश---ऑरिक्टोलेगस कुनिकुलस हिरण---सर्वस एलाफस ऊँट---कैमेलस डोमेडेरियस लोमडी---कैनीडे लंगुर---होमिनोडिया बारहसिँघा---रुसर्वस डूवासेली मक्खी---मस्का डोमेस्टिका आम---मैग्नीफेरा इंडिका धान---औरिजया सैटिवाट गेहूँ---ट्रिक्टिकम एस्टिवियम मटर---पिसम सेटिवियम सरसोँ---ब्रेसिका कम्पेस्टरीज मोर---पावो क्रिस्टेसस हाथी---एफिलास इंडिका डॉल्फिन---प्लाटेनिस्टागैँकेटिका कमल---नेलंबो न्यूसिफेरा गार्टनबरगद---फाइकस बेँधालेँसिस घोड़ा---ईक्वस कैबेलस गन्ना---सुगरेन्स औफिसीनेरम प्याज---ऑलियम सिपिया कपास---गैसीपीयम मुंगफली---एरैकिस हाइजोपिया कॉफी---कॉफिया अरेबिका चाय---थिया साइनेनिसस अंगुर---विटियस हल्दी---कुरकुमा लोँगा मक्का---जिया मेज टमा…

अर्थालंकार एवं अर्थालंकार के प्रकार

अर्थालंकार 

उपमा अलंकार
जहाँ गुण , धर्म या क्रिया के आधार पर उपमेय की तुलना उपमान से की जाती है  वहा उपमा  अलंकार होता है .
उदहारण-सागर-सा गंभीर हृदय हो,गिरी- सा ऊँचा हो जिसका मन।
इसमें सागर तथा गिरी उपमान, मन और हृदय उपमेय सा वाचक, गंभीर एवं ऊँचा साधारण धर्म है।
रूपक अलंकार 

जिस जगह उपमेय पर उपमान का आरोप किया जाए, उस अलंकार को रूपक अलंकार कहा जाता है, यानी उपमेय और उपमान में कोई अन्तर न दिखाई पड़े.
 जैसे -अम्बर-पनघट में डुबो रही तारा-घट ऊषा-नागरी यहाँ  पर  अम्बर रूपी  पनघट।तारा रूपी घट।ऊषा रूपी नागरी है । उत्प्रेक्षा अलंकार उपमेय में उपमान की कल्पना या सम्भावना होने पर उत्प्रेक्षा अलंकार कहलाता  है. जैसे -सखि सोहत गोपाल के, उर गुंजन की मालबाहर सोहत मनु पिये, दावानल की ज्वाल।।

 अतिशयोक्ति अलंकार यहाँ पर गुंजन की माला उपमेय में दावानल की ज्वाल उपमान के संभावना होने से उत्प्रेक्षा अलंकार है। जिस स्थान पर लोक-सीमा का अतिक्रमण करके किसी विषय का वर्णन होता है। वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

जैसे -
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सगरी लंका जल गई, गये निसाचर भागि।।
यहाँ पर हनुमान की पूँछ…

संज्ञा के प्रकार एवं उसके भेद

जिस शब्द से किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, जाति, भाव आदि के 'नाम' का बोध होता है उसे संज्ञा कहते हैं
                                                                   अथवा
किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।
  जैसे - पशु (जाति), सुंदरता (((गुण), व्यथा (भाव), मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)।

संज्ञा के पांच भेद होते हैं : व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा भाववाचक संज्ञा समूहवाचक संज्ञाद्रव्यवाचक संज्ञा  www.gkcurrent3.blogspot.com
व्यक्तिवाचक संज्ञा
जिस शब्द से किसी एक ही वस्तु या व्यक्ति का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं |
जैसे - अमेरिका, भारत, अनिल।

जातिवाचक संज्ञा
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भाववाचक संज्ञा 
जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, धर्म आदि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
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