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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

भारतीय संविधान की अनुसूची

भारतीय संविधान में कुल १२ अनुसूचियाँ हैं -

 प्रथम अनुसूची-

राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का वर्णन.

दूसरी अनुसूची -

राष्ट्रपति , राज्यों के राज्यपाल, लोकसभा के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, राज्य सभा के सभापति तथा उप-सभापति, विधान सभा के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति तथा उप-सभापति, उच्चतम तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक के सम्बंध में उपबंध.

तीसरी अनुसूची-

शपथ या प्रतिज्ञान के प्ररूप .

चौथी अनुसूची -

राज्य सभा में सीटों का आबंटन .

पांचवीं अनुसूची-

अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध.

छठी अनुसूची-

असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में उपबंध .

सातवीं अनुसूची -

संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची .

आठवीं अनुसूची -

मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची .

नौवीं अनुसूची-

 विशिष्ट अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन के प्रावधान .

दसवीं अनुसूची-

 दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के बारे में उपबंध .

ग्यारहवीं अनुसूची -

पंचायतों के अधिकार, प्रधिकार और दायित्व .

बारहवीं अनुसूची-

नगरपालिकाओं की के अधिकार, प्रधिकार और दायित्व .

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कुछ प्रमुख उपाधियाँ एवं प्राप्तकर्ता

उपाधि,प्राप्तकर्ता एवं दाता उपाधि प्राप्तकर्ता दाता गुरुदेव महात्मा नेताजी सरदार   देशरत्न   /अजातसत्रु कायदे आजम देशनायक विवेकानंद राष्ट्रपिता राजा अर्ध नंगा फ़क़ीर       रविन्द्रनाथ टैगोर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस   बल्लभ भाई पटेल डॉ.राजेन्द्र प्रसाद मोहम्मद अली जिन्ना सुभास चन्द्र बोस स्वामी विवेकानंद महात्मा गाँधी राजा राममोहन राय महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविंद्रनाथ टैगोर एडोल्फ हिटलर वारदोली की महिलाओ महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविन्द्र नाथ टैगोर महाराजा खेतड़ी सुभाष चन्द्र बोस अकबर द्वितीय विंस्टन चर्चिल

संधि एवं संधि के भेद

संधि दो ध्वनियों (वर्णों) के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। अर्थात् जब दो शब्द मिलते हैं तो प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि (वर्ण)तथा मिलने वाले शब्द की प्रथम ध्वनि के मेल से जो विकार होता है उसे स न्धि कहते हैं। संधि के प्रकार 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि  स्वर संधि  - स्वर के साथ स्वर के मेल को स्वर संधि कहते हैं . जैसे - विद्या + अर्थी = विद्यार्थी , सूर्य + उदय = सूर्योदय , मुनि + इंद्र = मुनीन्द्र , कवि + ईश्वर = कवीश्वर , महा + ईश = महेश . स्वर संधि के भेद स्वर संधि के पाँच भेद हैं :- 1. दीर्घ संधि 2. गुण संधि 3. वृद्धि स्वर संधि  4. यण स्वर संधि 5. अयादी स्वर संधि   .दीर्घ संधि–  जब दो समान स्वर या सवर्ण मिल जाते हैँ, चाहे वे ह्रस्व होँ या दीर्घ, या एक ह्रस्व हो और दूसरा दीर्घ, तो उनके स्थान पर एक दीर्घ स्वर हो जाता है, इसी को सवर्ण दीर्घ स्वर संधि कहते हैँ। जैसे– अ/आ+अ/आ = आ दैत्य+अरि = दैत्यारि राम+अवतार = रामावतार देह+अंत = देहांत धर्म+आत्मा = धर्मात्मा परम+आत्मा = परमात्मा कदा+अपि = कदापि आत्मा+ आनंद = आत्मानंद जन्म...

समास एवं समास के भेद

समास  दो अथवा दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नए सार्थक शब्द को कहा जाता है। दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि "समास वह क्रिया है, जिसके द्वारा कम-से-कम शब्दों मे अधिक-से-अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। समास के प्रकार - समस छ: प्रकार के हप्ते है - (1) तत्पुरुष समास ( Determinative Compound) (2)कर्मधारय समास (Appositional Compound) (3)द्विगु समास (Numeral Compound) (4)बहुव्रीहि समास (Attributive Compound) (5)द्वन्द समास (Copulative Compound) (6)अव्ययीभाव समास(Adverbial Compound) तत्पुरुष समास    वह  समास  है जिसमें बाद का अथवा उत्तर पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच का कारक-चिह्न लुप्त हो जाता है। राजा का कुमार - राजकुमार रचना को करने वाला - रचनाकार गंगाजल - गंगा का जल तत्पुरुष समास के छह प्रकार  होते है- कर्म तत्पुरुष  करण तत्पुरुष सम्प्रदान तत्पुरुष अपादान तत्पुरुष सम्बन्ध तत्पुरुष अधिकरण तत्पुरुष कर्म तत्पुरुष  इसमें कर्म कारक की विभक्ति 'को' का लोप हो जाता है। स्वर्गप्राप्त स्वर्ग को...