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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

दैनिक समसामयिकी(daily current affairs) 23,24 july 2017


  • इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से हराकर महिला विश्वकप जीता.
  • टैमी बीमाउंट हाल ही में महिला क्रिकेट विश्वकप में प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ घोषित किया गया.
  • भारत के पहले अंतरिक्ष यान आर्यभट्ट का डिजाईन तैयार करने वाले वैज्ञानिक प्रो. यू आर राव जिनका हाल ही में निधन हो गया.
  • वह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी–एच एस प्रोनॉय जिसने हाल ही में यूएस ओपन ख़िताब जीता.
  • भारत में 5वीं ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन साइबर स्पेस 2017 का आयोजन 23 और 24 नवंबर को नई दिल्ली पर किया जाएगा.
  • पीएमओ के संयुक्त सचिव के रूप में गोपाल बागले को नियुक्त किया गया.
  • जुलाई 2017 के दौरान निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक ने एक अनोखी पहल शुरू की है जिसके तहत बैंक के वेतनभोगी ग्राहक  बैंक के एटीएम में 15 लाख रुपए तक के व्यक्तिगत ऋण का आवेदन एवं इसकी स्वीकृति हासिल कर सकेंगे। ऋण की राशि तुरंत उनके बचत खाते में क्रेडिट भी हो जायेगी.

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कुछ प्रमुख उपाधियाँ एवं प्राप्तकर्ता

उपाधि,प्राप्तकर्ता एवं दाता उपाधि प्राप्तकर्ता दाता गुरुदेव महात्मा नेताजी सरदार   देशरत्न   /अजातसत्रु कायदे आजम देशनायक विवेकानंद राष्ट्रपिता राजा अर्ध नंगा फ़क़ीर       रविन्द्रनाथ टैगोर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस   बल्लभ भाई पटेल डॉ.राजेन्द्र प्रसाद मोहम्मद अली जिन्ना सुभास चन्द्र बोस स्वामी विवेकानंद महात्मा गाँधी राजा राममोहन राय महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविंद्रनाथ टैगोर एडोल्फ हिटलर वारदोली की महिलाओ महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविन्द्र नाथ टैगोर महाराजा खेतड़ी सुभाष चन्द्र बोस अकबर द्वितीय विंस्टन चर्चिल

संधि एवं संधि के भेद

संधि दो ध्वनियों (वर्णों) के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। अर्थात् जब दो शब्द मिलते हैं तो प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि (वर्ण)तथा मिलने वाले शब्द की प्रथम ध्वनि के मेल से जो विकार होता है उसे स न्धि कहते हैं। संधि के प्रकार 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि  स्वर संधि  - स्वर के साथ स्वर के मेल को स्वर संधि कहते हैं . जैसे - विद्या + अर्थी = विद्यार्थी , सूर्य + उदय = सूर्योदय , मुनि + इंद्र = मुनीन्द्र , कवि + ईश्वर = कवीश्वर , महा + ईश = महेश . स्वर संधि के भेद स्वर संधि के पाँच भेद हैं :- 1. दीर्घ संधि 2. गुण संधि 3. वृद्धि स्वर संधि  4. यण स्वर संधि 5. अयादी स्वर संधि   .दीर्घ संधि–  जब दो समान स्वर या सवर्ण मिल जाते हैँ, चाहे वे ह्रस्व होँ या दीर्घ, या एक ह्रस्व हो और दूसरा दीर्घ, तो उनके स्थान पर एक दीर्घ स्वर हो जाता है, इसी को सवर्ण दीर्घ स्वर संधि कहते हैँ। जैसे– अ/आ+अ/आ = आ दैत्य+अरि = दैत्यारि राम+अवतार = रामावतार देह+अंत = देहांत धर्म+आत्मा = धर्मात्मा परम+आत्मा = परमात्मा कदा+अपि = कदापि आत्मा+ आनंद = आत्मानंद जन्म...

रस एवं रस के प्रकार

रस का शाब्दिक अर्थ है 'आनन्द'। काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस अलौकिक आनन्द की अनुभूति होती है, उसे 'रस' कहा जाता है। रस से जिस भाव की अनुभूति होती है वह रस का स्थायी भाव होता है।   रस के अवयव रस के चार अवयव या अंग हैं:-  1)स्थायी भाव 2)विभाव 3)अनुभाव 4)संचारी भाव स्थायी भाव- स्थायी भाव का मतलब है प्रधान भाव। प्रधान भाव वही हो सकता है जो रस की अवस्था तक पहुँचता है। काव्य या नाटक में एक स्थायी भाव शुरू से आख़िरी तक होता है।  स्थायी भावों की संख्या 9 मानी गई है। स्थायी भाव ही रस का आधार है। एक रस के मूल में एक स्थायी भाव रहता है। अतएव रसों की संख्या भी 9 हैं, जिन्हें नवरस कहा जाता है। मूलत: नवरस ही माने जाते हैं। बाद के आचार्यों ने 2 और भावों वात्सल्य और भगवद विषयक रति को स्थायी भाव की मान्यता दी है। इस प्रकार स्थायी भावों की संख्या 11 तक पहुँच जाती है विभाव विभाव वजह या कारण या प्रेरणा होता है| उसे इसीलिए विभाव कहते हैं क्योंकि यह वचन शरीर, इशारों और मानसिक भावनाओं का विवरण करते हैं | विभाव दो प्रकार का होता हे । 1)आलंबन विभाव या मौलिक निर्धारक ...