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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण 2

टैकोमीटर

यह वायुयानों तथा मोटर नाव की गति को मापने वाला उपकरण है .

होबरक्रॉफ्ट 

एक वाहन जो वायु की मोती गद्दी पर चलता है ,यह साधारण भूमि दलदली ,बर्फिले मैदानों ,रेगिस्तानों पर तीव्र गति से भाग सकता है इस वाहन का भूमि से कोई सम्पर्क नही रहता .

थियोडोलाइट

यहाँ अनुप्रस्थ था लम्बवत कोनो की माप ज्ञात करने की काम आता है .

एक्टिओमीटर

सूर्य किरणों की तीव्रता का निर्धारण करने वाला उपकरण .

थर्मोस्टेट 

इसके प्रयोग से किसी वस्तु का ताप एक निश्चित बिंदु तक बनाये रखता है

टेलस्टार 

यह अंतरिक्ष में स्थित ऐसा उपकरण है ,जिसकी सहायता से महा द्वीपों के आर पार टेलीविजन था बेतार प्रसारण भेजे जाते है इस उपकरण को अन्तरिक्ष में अमेरिका द्वारा स्थापित किया गया है .

टेलिस्कोप

इसकी सहायता से दूर की वस्तुओं को स्पष्टदेखा जाता है.

टेलेक्स 

इसके अंतर्गत दो स्थानों के समाचारों का आदान प्रदान होता है .

टेलीप्रिंटर 

यह समाचार प्राप्त करने का उपकरण है,इसकी सहायता से समाचार स्वत: टाइप होते रहते है .

टेली फोटोग्राफी 

इस उपकरण की सहायता से गतिशील वस्तू का चित्र दुसरे स्थान पर प्रदर्शित किया जाता है .

बिस्कोमीटर 

यह द्रवों की श्यानता ज्ञात करने में काम आने वाला उपकरण है.

स्फेरोमीटर 

यह गोलीय तल का वक्रता का त्रिज्या ज्ञात करने काम आता है .

साइटोट्रोंन 

यह कृतिम मौसम उत्पन्न करने के काम में आने वाला उपकरण है.

रेडार 

यह यंत्र अंतरिक्ष में आने जाने वाले वायुयानोंकी संसुंचन और उसकी स्थिति ज्ञात करने का काम आता है .

रैनगेज

यह वर्षा नापने के काम में आने वाला उपकरण है .

रेडियोमीटर 

इस यन्त्र का उपयोग विकिरण की माप करने के लिए किया जाता है.

रेडियो टेलिस्कोप 

जिसकी सहायता से दूसरी स्थान की घटना को बेतार प्रणाली से दुसरे स्थान पर देखा जा सकता है .

रिफ्राक्टोमीटर

यह पारदर्शक माध्यमों का अपवर्तनांक ज्ञात करने वाला उपकरण है.

सेक्सटेंट 

यह किसी ऊचाई को मापने काम आने वाला उपकरण है ,जैसे मीनार आदि.

स्ट्रोवोस्कोप

अपरिवर्तित गति से घुमने वाले वस्तुओं की चाल को इस उपकरण से ज्ञात करते है .

 स्पीडोमीटर 

यह गति प्रदर्शित करने वाला उपकरण है.

सबमेरीन 

यह पानी के अन्दर चलने वाला छोटा जलयान है ,जिसकी सहायता से समुद्र की सतह पर होने वाले हलचल का ज्ञान होता है . 

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कुछ प्रमुख उपाधियाँ एवं प्राप्तकर्ता

उपाधि,प्राप्तकर्ता एवं दाता उपाधि प्राप्तकर्ता दाता गुरुदेव महात्मा नेताजी सरदार   देशरत्न   /अजातसत्रु कायदे आजम देशनायक विवेकानंद राष्ट्रपिता राजा अर्ध नंगा फ़क़ीर       रविन्द्रनाथ टैगोर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस   बल्लभ भाई पटेल डॉ.राजेन्द्र प्रसाद मोहम्मद अली जिन्ना सुभास चन्द्र बोस स्वामी विवेकानंद महात्मा गाँधी राजा राममोहन राय महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविंद्रनाथ टैगोर एडोल्फ हिटलर वारदोली की महिलाओ महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविन्द्र नाथ टैगोर महाराजा खेतड़ी सुभाष चन्द्र बोस अकबर द्वितीय विंस्टन चर्चिल

संधि एवं संधि के भेद

संधि दो ध्वनियों (वर्णों) के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। अर्थात् जब दो शब्द मिलते हैं तो प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि (वर्ण)तथा मिलने वाले शब्द की प्रथम ध्वनि के मेल से जो विकार होता है उसे स न्धि कहते हैं। संधि के प्रकार 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि  स्वर संधि  - स्वर के साथ स्वर के मेल को स्वर संधि कहते हैं . जैसे - विद्या + अर्थी = विद्यार्थी , सूर्य + उदय = सूर्योदय , मुनि + इंद्र = मुनीन्द्र , कवि + ईश्वर = कवीश्वर , महा + ईश = महेश . स्वर संधि के भेद स्वर संधि के पाँच भेद हैं :- 1. दीर्घ संधि 2. गुण संधि 3. वृद्धि स्वर संधि  4. यण स्वर संधि 5. अयादी स्वर संधि   .दीर्घ संधि–  जब दो समान स्वर या सवर्ण मिल जाते हैँ, चाहे वे ह्रस्व होँ या दीर्घ, या एक ह्रस्व हो और दूसरा दीर्घ, तो उनके स्थान पर एक दीर्घ स्वर हो जाता है, इसी को सवर्ण दीर्घ स्वर संधि कहते हैँ। जैसे– अ/आ+अ/आ = आ दैत्य+अरि = दैत्यारि राम+अवतार = रामावतार देह+अंत = देहांत धर्म+आत्मा = धर्मात्मा परम+आत्मा = परमात्मा कदा+अपि = कदापि आत्मा+ आनंद = आत्मानंद जन्म...

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