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विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -1 Important Question Of Science

स्वतंत्र भारत का पहला मंत्रिमंडल

स्वतंत्र भारत का पहला मत्रिमंडल  - 
 
  • जवाहर लाल नेहरु               - प्रधानमंत्री
  • सरदार बल्लभ भाई पटेल     -गृह मंत्री ,सुचना व प्रसारण मंत्री 
  • डॉ राजेन्द्र प्रसाद                  - खाद्य एवं कृषि मंत्री 
  • डॉ अबुल कलाम आजाद      - शिक्षा मंत्री 
  • डॉ जॉन मथाई                      -रेलवे एवं परिवहन मंत्री 
  • डॉ बी आर अम्बेडकर          - विधि मंत्री 
  • जगजीवन राम                      - श्रम मंत्री 
  • सरदार बलदेव सिंह              - रक्षा मंत्री 
  • राजकुमारी अमृत कौर          - स्वास्थ्य मंत्री 
  • सी.एच. भाभा                       - वाणिज्य मंत्री 
  • रफी अहमद किदवई            - संचार मंत्री 
  • आर.के. शणमुखम शेट्टी         - वित्त मंत्री 
  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी      - उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री 
  • वी.एन. गाडगिल                   -कार्य खान एवं  ऊर्जा


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कुछ प्रमुख उपाधियाँ एवं प्राप्तकर्ता

उपाधि,प्राप्तकर्ता एवं दाता उपाधि प्राप्तकर्ता दाता गुरुदेव महात्मा नेताजी सरदार   देशरत्न   /अजातसत्रु कायदे आजम देशनायक विवेकानंद राष्ट्रपिता राजा अर्ध नंगा फ़क़ीर       रविन्द्रनाथ टैगोर महात्मा गाँधी सुभाष चन्द्र बोस   बल्लभ भाई पटेल डॉ.राजेन्द्र प्रसाद मोहम्मद अली जिन्ना सुभास चन्द्र बोस स्वामी विवेकानंद महात्मा गाँधी राजा राममोहन राय महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविंद्रनाथ टैगोर एडोल्फ हिटलर वारदोली की महिलाओ महात्मा गाँधी महात्मा गाँधी रविन्द्र नाथ टैगोर महाराजा खेतड़ी सुभाष चन्द्र बोस अकबर द्वितीय विंस्टन चर्चिल

संधि एवं संधि के भेद

संधि दो ध्वनियों (वर्णों) के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। अर्थात् जब दो शब्द मिलते हैं तो प्रथम शब्द की अन्तिम ध्वनि (वर्ण)तथा मिलने वाले शब्द की प्रथम ध्वनि के मेल से जो विकार होता है उसे स न्धि कहते हैं। संधि के प्रकार 1) स्वर संधि 2) व्यंजन संधि 3) विसर्ग संधि  स्वर संधि  - स्वर के साथ स्वर के मेल को स्वर संधि कहते हैं . जैसे - विद्या + अर्थी = विद्यार्थी , सूर्य + उदय = सूर्योदय , मुनि + इंद्र = मुनीन्द्र , कवि + ईश्वर = कवीश्वर , महा + ईश = महेश . स्वर संधि के भेद स्वर संधि के पाँच भेद हैं :- 1. दीर्घ संधि 2. गुण संधि 3. वृद्धि स्वर संधि  4. यण स्वर संधि 5. अयादी स्वर संधि   .दीर्घ संधि–  जब दो समान स्वर या सवर्ण मिल जाते हैँ, चाहे वे ह्रस्व होँ या दीर्घ, या एक ह्रस्व हो और दूसरा दीर्घ, तो उनके स्थान पर एक दीर्घ स्वर हो जाता है, इसी को सवर्ण दीर्घ स्वर संधि कहते हैँ। जैसे– अ/आ+अ/आ = आ दैत्य+अरि = दैत्यारि राम+अवतार = रामावतार देह+अंत = देहांत धर्म+आत्मा = धर्मात्मा परम+आत्मा = परमात्मा कदा+अपि = कदापि आत्मा+ आनंद = आत्मानंद जन्म...

समास एवं समास के भेद

समास  दो अथवा दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नए सार्थक शब्द को कहा जाता है। दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि "समास वह क्रिया है, जिसके द्वारा कम-से-कम शब्दों मे अधिक-से-अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। समास के प्रकार - समस छ: प्रकार के हप्ते है - (1) तत्पुरुष समास ( Determinative Compound) (2)कर्मधारय समास (Appositional Compound) (3)द्विगु समास (Numeral Compound) (4)बहुव्रीहि समास (Attributive Compound) (5)द्वन्द समास (Copulative Compound) (6)अव्ययीभाव समास(Adverbial Compound) तत्पुरुष समास    वह  समास  है जिसमें बाद का अथवा उत्तर पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच का कारक-चिह्न लुप्त हो जाता है। राजा का कुमार - राजकुमार रचना को करने वाला - रचनाकार गंगाजल - गंगा का जल तत्पुरुष समास के छह प्रकार  होते है- कर्म तत्पुरुष  करण तत्पुरुष सम्प्रदान तत्पुरुष अपादान तत्पुरुष सम्बन्ध तत्पुरुष अधिकरण तत्पुरुष कर्म तत्पुरुष  इसमें कर्म कारक की विभक्ति 'को' का लोप हो जाता है। स्वर्गप्राप्त स्वर्ग को...